माउंट आबू का नाम बदलकर अबुराज किया गया – कारण, इतिहास और Exam Oriented Questions | Important Current Affairs 2026
राजस्थान के प्रसिद्ध माउंट आबू का नाम बदलकर ‘अबुराज’ किया गया – जानें पूरा मामला, इतिहास और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
हाल ही में राजस्थान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसमें राज्य के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू (Mount Abu) का नाम बदलकर ‘अबुराज’ (Aburaj) करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय इतिहास, संस्कृति और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। यह खबर Current Affairs और प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह विषय विशेष रूप से SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS, UPSSSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं में पूछे जाने की पूरी संभावना रखता है।
माउंट आबू कहाँ स्थित है?
माउंट आबू भारत के राजस्थान राज्य के सिरोही जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यह अरावली पर्वतमाला में स्थित राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडे मौसम और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
- राज्य – राजस्थान
- जिला – सिरोही
- पर्वतमाला – अरावली पर्वतमाला
- विशेषता – राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन
माउंट आबू का नाम बदलकर ‘अबुराज’ क्यों किया गया?
माउंट आबू का नाम बदलकर ‘अबुराज’ रखने का मुख्य उद्देश्य इस स्थान की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करना है।
- ऐतिहासिक पहचान को बढ़ावा देना – ‘अबुराज’ इस स्थान का प्राचीन नाम माना जाता है।
- भारतीय संस्कृति और विरासत को सम्मान देना – यह निर्णय भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देता है।
- स्थानीय भावनाओं का सम्मान – स्थानीय लोगों की लंबे समय से यह मांग थी।
- औपनिवेशिक नामों को बदलना – Mount Abu नाम अंग्रेजों के समय का माना जाता है।
माउंट आबू (अबुराज) का ऐतिहासिक महत्व
अबुराज का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। यह स्थान ऋषि वशिष्ठ से संबंधित माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ऋषि वशिष्ठ ने यहाँ यज्ञ किया था, जिससे इस स्थान का धार्मिक महत्व बढ़ गया।
यह स्थान प्राचीन काल से ही धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा है।
माउंट आबू (अबुराज) के प्रमुख पर्यटन स्थल
- दिलवाड़ा जैन मंदिर – संगमरमर की सुंदर नक्काशी के लिए प्रसिद्ध
- नक्की झील – प्रमुख पर्यटन आकर्षण
- गुरु शिखर – अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी
नाम परिवर्तन का महत्व
माउंट आबू का नाम बदलकर अबुराज करना केवल नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, ऐतिहासिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम है।
- स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है
- ऐतिहासिक पहचान मजबूत होती है
- राष्ट्रीय गौरव बढ़ता है
- भारतीय नामों को पुनर्स्थापित किया जाता है
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Important Points)
- माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है
- माउंट आबू का नया नाम – अबुराज
- माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है
- गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है
- अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे पुरानी पर्वतमाला है
Exam Oriented MCQs (परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न)
Q.1. हाल ही में माउंट आबू का नाम बदलकर क्या रखा गया है?
(A) अरावली नगर
(B) अबुराज
(C) वशिष्ठ नगर
(D) सिरोही पर्वत
Correct Answer – (B) अबुराज
Explanation – राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू का नाम बदलकर अबुराज रखा गया है। यह निर्णय ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
Q.2. माउंट आबू किस राज्य में स्थित है?
(A) गुजरात
(B) राजस्थान
(C) मध्य प्रदेश
(D) उत्तर प्रदेश
Correct Answer – (B) राजस्थान
Explanation – माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन है।
Q.3. माउंट आबू किस पर्वतमाला में स्थित है?
(A) हिमालय
(B) अरावली
(C) विंध्य
(D) सतपुड़ा
Correct Answer – (B) अरावली
Explanation – माउंट आबू अरावली पर्वतमाला में स्थित है, जो भारत की सबसे पुरानी पर्वतमाला है।
Q.4. गुरु शिखर किस पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है?
(A) हिमालय
(B) अरावली
(C) सतपुड़ा
(D) विंध्य
Correct Answer – (B) अरावली
Explanation – गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है और यह माउंट आबू में स्थित है।
Q.5. माउंट आबू किस जिले में स्थित है?
(A) जयपुर
(B) उदयपुर
(C) सिरोही
(D) जोधपुर
Correct Answer – (C) सिरोही
Explanation – माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है और यह राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन है।
निष्कर्ष (Conclusion)
माउंट आबू का नाम बदलकर अबुराज रखना एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय भारतीय संस्कृति, इतिहास और स्थानीय पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विषय Current Affairs और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और आने वाली परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाने की पूरी संभावना है।
